Thursday, August 28, 2008

उंगली गुरू...


मेहरबान कदरदान....
सुनाते हैं, बताते हैं
हम फरमाते हैं, दास्तान
उंगली गुरू की।

डुगडुगी की थाप के साथ
वो बजाते हैं , खबरो को
लब्बो लुआब के साथ
फरमाते हैं, खबरों को
लेकिन हर खबर पर,
हर बात पर,
उंगली जरूर करते है
उंगली गुरू।

पांव टिकते नहीं हैं तुम्हारें सनम
...........में।
की तर्ज पर,
सुबह- ए- शाम मनाते हैं
दुनिया की ऐसी तैसी.....
वाला गाना भी गुनगुनाते हैं
आओ खेले नौकरी नौकरी
वाला रियलटी शो भी वो चलाते हैं
लेकिन बड़ी बातो पर ही वो उंगली उठाते हैं
उंगली गुरू।

गुगल, गुगली और उंगली
हमारे उंगली गुरू के अस्त्र शस्त्र हैं
लेकिन जिसमें दम होता है.


उंगली वही कर सकता है
हमारे उंगली गुरू में भी
वो दम है, उनके आगे सब कम हैं।
उंगली गुरू की जय हो।
नोट- उंगली गुरू कही भी पाए जा सकते हैं,
जरूरत है आपकी पारखी नजर की।

6 comments:

अनुराग said...

सही अंगुली है गुरु.......

Udan Tashtari said...

:)

Pankaj said...

राजेश भाई उंगली महसूस करने और उसे बयान करने के लिए बधाई...और हां, अगर वक़्त इजाज़त दे तो उंगली के दर्द के अलावा एक कहानी शुरू की है...mere blog (www.jabkabhi.blogspot.com)पर अगनी उंगलियां ज़रूर चला दीजिएगा...आपकी उंगलियों का कद्रदान....।

पंकज त्रिपाठी

Debu said...

kya baat hai sir....aapki ungli bahoot pasand aayi..ab inme angoothi pehnane ki baari hai...warna yeh ungli naa jaane kis kis par uthegi...kuchh bhi ho jis par bhi uthegi uski to kismat ke kya kehne....

ugly said...

ये उंगली कहा पाई जाती है कृपा करके इसके बारे में भी बताए...क्योकी कभी कभी कही उंगली गलत चली गई तो टूट भी सकती है

ugly said...

जिन लोगो ने कमेंट दिया है उनमे भी कुछ उंगली गुरू है। जिनकी उंगलियो में खुजली होती रहती है अंगुली करने के लिए...........