Thursday, May 15, 2008

धमाके के बाद.....
















एक आंगन में दो आंगन हो जाते हैं,
राम के घर में जब भी दंगा होता है
हिंदू मुस्लिम सब रावण हो जाते हैं।





4 comments:

Debu said...

rajesh ji ...........namaskaar.........gulabi sahar ka lal rang dekhkar har koi aahat hai..........sabne apni-2..baat bhi keh dali...lekin hum is baat se vaasta nahi rakhte ki in tasveeron ko hata lena chahiye...aakhir kab tak hum is haqiqat se parda karte rahenge?in tasveeron ko hata bhi len to kya fark parta hai...hum to in tasveeron se muh mod bhi len,magar un logo ke jehan se kya ise mitaya jaa sakta hai,jinke apno ne is haadse me dam toda hai...?shaayad kabhi nahi...isliye logo ko is haqiqut se rubaroo....hone dijiye...

Rajesh Roshan said...

राजेश जी यह है असली तस्वीरे. धमाके के बाद की. इसमे वह संवेदना मौजूद हैं जो हमे उस शहर और पीडितो से जोड़ती है. मैंने कल की चित्रों के बाद आपके ब्लॉग की पूरी जांच पड़ताल की पता चला आप गजब के फोटोग्राफर हैं. लेकिन कल की फोटो अच्छी नही थी. इसलिए की अगर ये हमारे परिजनों की होती तो हम इसे अपने ब्लॉग पर नही डालते तो फ़िर दूसरो की ऐसी चित्र को क्यों???

Abhinav Raj said...

राजेश भाई की संवेदनशीलता को सलाम... क्षमा कीजिएगा, पर "सौजन्य" डाल देते तो मुझे लगता कि टीवी पत्रकारिता आप पर हावी नहीं हुई.

Udan Tashtari said...

तस्वीरें बोल रही हैं