Wednesday, January 16, 2008
Saturday, January 12, 2008
जलवा एक्सप्रेस....
साली ने चार साल से पागल बना रखा है
ये झुंझलाहट के शब्द है उस आशिक के जो चार साल से जलवा एक्सप्रेस को देख रहा है
अब तो लोगों ने इस आशिक का नाम दिवाना भजिया वाला रख दिया है
सच में जब वो निकलती है तो टैक्सी वाले, चाय वाले और चैनल वाले भी काम छोड़कर लाइन लगा कर सड़क पर आ जाते है।
इस एक्सप्रेस का आने का समय है सुबह दस बजे
और जाने का समय है शाम को छह बजे।
इस एक्सप्रेस पर बैठने की तो बात सोचना गलत होगा
लेकिन अगर आप जलवा एक्सप्रेस को देखना चाहते हैं तो आप इस पते और तय समय पर आ सकते हैं।
पता है-
हैंगआउट, कैफे
फेमस स्टूडियों के बगल में
महालक्ष्मी, मुंबई
Friday, January 11, 2008
होठों को छूकर....
Wednesday, January 9, 2008
दिया और सूरज
Friday, January 4, 2008
नन्ही आम्रपाली
उसे मैंने देखा है....सड़क की फुटपाथ वाली रोड पर
रात के बारह बजे के बाद मंधिम रोशनी में खड़ी
पहली नजर में लगा कोई मासूम बच्ची भटक गई है घर का रास्ता
मदद के लिए ही तो मैंने रोकी थी अपनी गाड़ी
लेकिन मैं सन्न रह गया था जब वो मेरे पास आई और जुबान खोली
500 रूपये, एक घंटे का........सकते में आ गया था मैं
कुछ पल पहले मासूम सी दिखने वाली वो नन्ही आम्रपाली अब जवान लग रही थी
उसके नखरे भी जवान लग रहे थे
मेरी कुछ समझ में नही आ रहा था
बस मैंने अचानक गाड़ी आगे बढ़ा दी
और एक नन्ही सी आवाज सुनाई पड़ी
भड़ुओं को करना धरना कुछ नही चले आते हैं.....।






