पुरक़ैफ-ए-मंज़र
मेरे फोटो, मेरे गीत
Thursday, May 15, 2008
धमाके के बाद.....
एक आंगन में दो आंगन हो जाते हैं,
राम के घर में जब भी दंगा होता है
हिंदू मुस्लिम सब रावण हो जाते हैं।
Thursday, March 20, 2008
बूझो तो जानें......
Tuesday, March 18, 2008
लाइट....फोटो प्रदर्शनी सीरीज-4
डांस ऑफ लाइट....
जर्नी ऑफ लाइट....
लाइट फ्लो......
वाटर रेनबो.....
लहरों पर रंगीनियां
Wednesday, March 12, 2008
धरोहर.. फोटो प्रदर्शनी सीरीज-3
नोट- ये सारी फोटो मैंने अपने मोबाइल फोन कैमरे से गोवा के चर्च और ओल्ड हाउस से ली है।
Monday, March 10, 2008
गांव से - मेरी फोटो प्रदर्शनी, सीरीज-2
घूंघट.......( धान की रोपाई करती गांव की महिलाएं कैमरा देखकर शरमा गईं)
मस्ती......
महुआ...(हम सबकी जड़ें ज्यादातर गांव से ही जुड़ी हैं)
एक लोटा पानी.....( खेत- खलियान में स्कूल से आने के बाद पानी ले जाती किसान की बिटिया)
सुकून......( मेरे बाग में आराम के लिए किसी किसान का बिछाया हुआ बिझौना)
बाजरा.......( ये फोटो मैंने तब क्लिक की है जब कई साल बाद अपने खेत पर गया था।)
नोट- घूंघट को छोड़कर सभी फोटो मैंने अपने मोबाइल फोन के कैमरे से क्लिक की हैं।
Sunday, March 9, 2008
मेरी फोटो प्रदर्शनी.....सीरीज-1
सूरज संग चांदनी
टर्न.......
बिग हैंड...स्माल लेग
मौजा ही मौजा.......
दम......
इंतजार.........
Saturday, March 8, 2008
इलाहाबाद विश्वविद्यालय मेरे कैमरे से.....
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