खबर फैल चुकी है मीडिया के गलियारों में
कि एक टीआरपी का मंदिर है,जहां सजदा करने से
किसी भी प्रोग्राम की टीआरपी अच्छी आती है
जिस टीआरपी के लिए चैनल के बादशाह
कुछ भी करने के लिए तैयार रहते हैं.
किसी भी हद तक गुजरने और गिरने के लिए तैयार रहते हैं
अगर वही टीआरपी सिर झुकाने से आ जाएं तो खबर अच्छी है
खबरियां रिपोर्टर इस मंदिर की तलाश में अपना पूरा नेटवर्क इस्तेमाल कर रहे हैं
चैनल के बॉस इस मंदिर की तलाश के लिए अपने रिपोर्टर की रोज क्लास लेते हैं कि
अभी तक वो मंदिर मिला क्यों नहीं, रोज इधर उधर के मंदिर के बारे में स्टोरी ले के आ जाते हो
सारे रिपोर्टर परेशान हैं कि क्या करें, कहां से लेके आएं टीआरपी मंदिर।
खैर मुझे तो पता है, लेकिन मंदिर के पुजारी ने पता बतानें के लिए मना किया है।
Monday, August 27, 2007
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3 comments:
राजेश जी की आपकी बात सही है मै आप से सहमत हूँ
राजेश जी की आपकी बात सही है मै आप से सहमत हूँ
तीन दिन के अवकाश (विवाह की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में) एवं कम्प्यूटर पर वायरस के अटैक के कारण टिप्पणी नहीं कर पाने का क्षमापार्थी हूँ. मगर आपको पढ़ रहा हूँ. अच्छा लग रहा है.
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