डांस ऑफ लाइट....Tuesday, March 18, 2008
Wednesday, March 12, 2008
Monday, March 10, 2008
गांव से - मेरी फोटो प्रदर्शनी, सीरीज-2
Sunday, March 9, 2008
Saturday, March 8, 2008
Monday, February 25, 2008
Sunday, February 24, 2008
बहुरूपिया....


शहर की बीच सड़क पर भेष बदले शांती का संदेश दे रहा है बहुरूपिया।
और टकटकी लगाये लोग तख्ती पर नजर डाले बगैर
देख रहे हैं बहुरूपिया के अजब गजब चेहरे को।
ये बहुरूपिया रोज निकलता है नये नये भेष में।
लोग सिर्फ उसके रूप रंग पर मर जाते हैं,
कोई नही समझता उसकी चाल को।
कोई नही समझता उसके संदेश को।
सब कुछ नाटक सा चलता रहता है
शहर की सड़को वाले रंगमंच पर।
हे बहुरूपियें तुम रोज निकलो शांति संदेश के साथ
कभी न कभी लोग तुम पर नही तुम्हारी तख्ती पर नजर जरूर डालेगें।
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जर्नी ऑफ लाइट....


























